नमस्कार! मैं हूं रामगोपाल धनगर और आप देख रहे हैं जनादेश भारत न्यूज।
नजीबाबाद से इस वक्त की बड़ी खबर…
जहां आस्था के नाम पर भरोसा जीतने का आरोप है और फिर उसी भरोसे को कथित तौर पर ठगी का हथियार बना दिया गया!
कहते हैं—
“चेहरा देखकर हर किसी पर ऐतबार मत करना,
कभी-कभी भेष बदलकर भी शातिर वार करता है!”
नजीबाबाद पुलिस ने साधु का भेष धारण कर ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, एक दंपति को डराने-धमकाने के बाद उनके सोने के आभूषण ले लिए गए थे।
लेकिन साहब…
कानून की नजर से बचना इतना आसान भी नहीं!
पुलिस ने जांच का ऐसा जाल बिछाया कि कथित तौर पर ठगी करने वाले दोनों आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गए।
मामला नजीबाबाद थाना क्षेत्र का है।
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 29 अगस्त को उत्तराखंड निवासी केशव भट्ट ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति साधु के भेष में आया और उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति ने उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर और डराकर सोने के आभूषण ले लिए।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरिद्वार निवासी जहांगीर और गुरविंदर को चिन्हित किया।
इसके बाद 30 अगस्त को दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से
👉 पीली धातु की चेन
👉 अंगूठियां
👉 मंगलसूत्र
बरामद किए गए हैं।
यानी जिस सामान की तलाश पुलिस कर रही थी, वह कथित तौर पर आरोपियों के कब्जे से बरामद हो गया।
“भेष साधु का था, लेकिन पुलिस के मुताबिक खेल ठगी का निकला…
और जब पुलिस ने जांच की तो पूरा राज खुलता चला गया!”
बताया गया है कि पूछताछ में आरोपियों ने 28 अगस्त को इसी हाईवे पर एक अन्य दंपति को निशाना बनाने की बात कही है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और कथित तौर पर लूटे गए सामान को बेचने के इरादे से बिजनौर आए थे।
अब इस पूरे मामले में एक बात साफ है—
“आस्था अपनी जगह है, लेकिन अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है।”
और हां…
साधु का भेष देखकर श्रद्धा जरूर रखिए, लेकिन कीमती सामान की सुरक्षा भी रखिए!
क्योंकि आजकल ठग भी इतने अपडेटेड हैं कि
“भेष देखकर पहचानना मुश्किल… लेकिन पुलिस की जांच से बचना मुश्किल!”
बाइट
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