सड़क किनारे पड़ा आतिशबाजी का मटेरियल...
और अचानक हुआ जोरदार धमाका!
धमाका इतना तेज था कि इसकी चपेट में आकर दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए।
दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया...
लेकिन हालत नाजुक होने पर मेरठ रेफर करना पड़ा।
हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा है...
मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि...
आखिर सड़क किनारे बारूद जैसा संवेदनशील मटेरियल पहुंचा कैसे?
क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई?
और अगर फैक्ट्री पहले ही सील थी... तो बाहर पड़ा ये मटेरियल किसका था?
पूरे मामले की जांच में पुलिस जुटी है।
*घटनास्थल से कहानी*
मामला बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव वाजिदपुर का है।
बताया जा रहा है कि यहां दिया फायर वर्क्स आतिशबाजी फैक्ट्री के पास दो सगे भाई रोहन और रोहित जंगल से पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहे थे।
इसी दौरान फैक्ट्री से कुछ दूरी पर सड़क किनारे उन्हें आतिशबाजी का मिक्स मटेरियल पड़ा दिखाई दिया।
लेकिन अगले ही पल...
एक जोरदार धमाका हुआ।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
परिजन दोनों बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया।
सबसे बड़ा सवाल,
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,
आतिशबाजी फैक्ट्री को हाल ही में सील किया गया था।
साथ ही वहां निर्धारित क्षमता से अधिक बारूद मिलने की बात भी सामने आई थी।
पुलिस को आशंका है कि कार्रवाई के डर से फैक्ट्री संचालक ने आतिशबाजी का मटेरियल सड़क किनारे फेंक दिया हो...
और बाद में इसी मटेरियल में विस्फोट हो गया।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
एक तरफ अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते दो भाई...
तो दूसरी तरफ घर में बच्चों की सलामती के लिए मां की आंखों से लगातार आंसू निकल रहे हैं।
हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि...
आतिशबाजी जैसे संवेदनशील मटेरियल की सुरक्षा में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो...
तो उसका खामियाजा किसी मासूम को भुगतना पड़ सकता है।
अब नजर पुलिस की जांच पर है।
बारूद सड़क किनारे कैसे पहुंचा?
किसकी लापरवाही थी?
और इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे।
BYTE-1: जिलाधिकारी जसजीत कौर, बिजनौर
“जांच और प्रशासन की कार्रवाई से जुड़ा बयान”
BYTE-2: ए.के. श्रीवास्तव, एसपी पूर्वी, धामपुर
“पुलिस जांच और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी”
BYTE-3: सविता, पीड़ित की मां
“हादसे के बाद परिवार का दर्द”
बिजनौर के शेरकोट में हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो बच्चे अस्पताल में हैं...
परिवार सदमे में है...
और अब इंतजार है पुलिस जांच की रिपोर्ट का।
जनादेश भारत न्यूज़ इस मामले से जुड़ा हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
मैं हूं रामगोपाल धनगर।
देखते रहिए जनादेश भारत न्यूज़।
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